बॉलीवुड में डीपफेक: एक गंभीर खतरा जो बदल रहा है सच्चाई का चेहरा
Deepfake in Bollywood
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| "Deepfake Technology " द्वारा शाहरुखान की डीपफेक तस्वीर |
बॉलीवुड की चमक-दमक वाली दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की एक नई तकनीक ने हंगामा मचा रखा है। डीपफेक नामक यह तकनीक चेहरों और आवाजों को इतनी बखूबी बदल देती है कि फर्क करना मुश्किल हो जाता है। यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि स्टार्स की जिंदगी, उनकी इमेज और पूरे समाज के लिए बड़ा खतरा साबित हो रही है।
डीपफेक कैसे काम करता है? : -
डीपफेक आर्टिफिशियेंस (GANs) पर आधारित है, जो दो न्यूरल नेटवर्क्स के जरिए असली वीडियो या फोटो को नकली बना देती है। एक नेटवर्क नकली इमेज बनाता है, दूसरा उसकी कमियां पकड़ता है, और इसी प्रक्रिया से वीडियो इतना रीयल लगने लगता है। बॉलीवुड में इसका इस्तेमाल ज्यादातर गलत तरीके से हो रहा है, जहां किसी एक्ट्रेस का चेहरा दूसरे बॉडी पर चिपका दिया जाता है। ऐसी क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती हैं, लाखों व्यूज बटूलती हैं। यह तकनीक सस्ती ऐप्स से उपलब्ध है, जिससे कोई भी आम आदमी इसे बना सकता है।
बॉलीवुड स्टार्स के डरावने उदाहरण : -
रश्मिका मंदाना का 2023 का वीडियो इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। एक अंग्रेजी मॉडल के वीडियो में उनका चेहरा जोड़ दिया गया, जिसमें वे छोटे कपड़ों में नजर आ रही थीं। यह क्लिप इंस्टाग्राम पर करोड़ों बार देखी गई, जिससे रश्मिका को मानसिक आघात लगा। उन्होंने पुलिस में शिकायत की और अमिताभ बच्चन जैसे सितारों ने उनका साथ दिया।
सलमान खान और ऐश्वर्या राय का पुराना विवाद फिर से डीपफेक के जरिए जीवित हो गया। एक वीडियो में दोनों को रोमांटिक सीन में दिखाया गया, जो बिल्कुल असली लग रहा था। इसी तरह शाहरुख खान, अक्षय कुमार, आलिया भट्ट, सुहाना खान और रणबीर कपूर के चेहरे बच्चों के वीडियो पर चिपकाए गए। शाहरुख को दो चोटियां, सलमान को गजरा और अक्षय को दुपट्टा पहनाया गया – यह मजाकिया लगता है, लेकिन लाखों व्यूज के साथ स्टार्स की इमेज खराब कर देता है।
आलिया भट्ट का हालिया केस भी चौंकाने वाला था। पंजाबी एक्ट्रेस वामिका गब्बी के वीडियो पर आलिया का चेहरा मोर्फ किया गया। फैंस ने नाराजगी जताई और लीगल सवाल उठाए। कटरीना कैफ, काजोल, रणवीर सिंह और आमिर खान भी इसके शिकार हो चुके हैं। अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ ने कोर्ट में केस दायर कर पर्सनैलिटी राइट्स की मांग की।
अक्षय कुमार का डीपफेक वीडियो तो कोर्ट तक पहुंच गया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने इसे सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया और प्लेटफॉर्म्स को हटाने का आदेश दिया। ऐसे वीडियो गेमिंग ऐप्स या ब्रांड प्रमोशन के लिए इस्तेमाल होते हैं, जो स्टार्स को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।
डीपफेक के खतरनाक प्रभाव : -
बॉलीवुड की चमक-दमक वाली दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की एक नई तकनीक ने हंगामा मचा रखा है। डीपफेक नामक यह तकनीक चेहरों और आवाजों को इतनी बखूबी बदल देती है कि फर्क करना मुश्किल हो जाता है। यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि स्टार्स की जिंदगी, उनकी इमेज और पूरे समाज के लिए बड़ा खतरा साबित हो रही है।
डीपफेक कैसे काम करता है?
डीपफेक आर्टिफिशियेंस (GANs) पर आधारित है, जो दो न्यूरल नेटवर्क्स के जरिए असली वीडियो या फोटो को नकली बना देती है। एक नेटवर्क नकली इमेज बनाता है, दूसरा उसकी कमियां पकड़ता है, और इसी प्रक्रिया से वीडियो इतना रीयल लगने लगता है। बॉलीवुड में इसका इस्तेमाल ज्यादातर गलत तरीके से हो रहा है, जहां किसी एक्ट्रेस का चेहरा दूसरे बॉडी पर चिपका दिया जाता है। ऐसी क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती हैं, लाखों व्यूज बटूलती हैं। यह तकनीक सस्ती ऐप्स से उपलब्ध है, जिससे कोई भी आम आदमी इसे बना सकता है।
बॉलीवुड स्टार्स के डरावने उदाहरण
रश्मिका मंदाना का 2023 का वीडियो इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। एक अंग्रेजी मॉडल के वीडियो में उनका चेहरा जोड़ दिया गया, जिसमें वे छोटे कपड़ों में नजर आ रही थीं। यह क्लिप इंस्टाग्राम पर करोड़ों बार देखी गई, जिससे रश्मिका को मानसिक आघात लगा। उन्होंने पुलिस में शिकायत की और अमिताभ बच्चन जैसे सितारों ने उनका साथ दिया।
सलमान खान और ऐश्वर्या राय का पुराना विवाद फिर से डीपफेक के जरिए जीवित हो गया। एक वीडियो में दोनों को रोमांटिक सीन में दिखाया गया, जो बिल्कुल असली लग रहा था। इसी तरह शाहरुख खान, अक्षय कुमार, आलिया भट्ट, सुहाना खान और रणबीर कपूर के चेहरे बच्चों के वीडियो पर चिपकाए गए। शाहरुख को दो चोटियां, सलमान को गजरा और अक्षय को दुपट्टा पहनाया गया – यह मजाकिया लगता है, लेकिन लाखों व्यूज के साथ स्टार्स की इमेज खराब कर देता है।
आलिया भट्ट का हालिया केस भी चौंकाने वाला था। पंजाबी एक्ट्रेस वामिका गब्बी के वीडियो पर आलिया का चेहरा मोर्फ किया गया। फैंस ने नाराजगी जताई और लीगल सवाल उठाए। कटरीना कैफ, काजोल, रणवीर सिंह और आमिर खान भी इसके शिकार हो चुके हैं। अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ ने कोर्ट में केस दायर कर पर्सनैलिटी राइट्स की मांग की।
अक्षय कुमार का डीपफेक वीडियो तो कोर्ट तक पहुंच गया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने इसे सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया और प्लेटफॉर्म्स को हटाने का आदेश दिया। ऐसे वीडियो गेमिंग ऐप्स या ब्रांड प्रमोशन के लिए इस्तेमाल होते हैं, जो स्टार्स को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।
डीपफेक के खतरनाक प्रभाव : -
ये वीडियो सिर्फ हंसी-मजाक नहीं, बल्कि साइबरबुलिंग, ट्रोलिंग और हिंसा को बढ़ावा देते हैं। महिलाओं पर ज्यादा असर पड़ता है, क्योंकि ज्यादातर क्लिप्स अश्लील होती हैं। स्टार्स की कमाई पर भी बुरा असर पड़ता है – फेक एंडोर्समेंट से ब्रांड्स को नुकसान। समाज में भ्रम फैलता है, लोग असली और नकली में उलझ जाते हैं। ब्लैकमेलिंग के केस बढ़ रहे हैं, जहां फेक वीडियो से पैसे ऐंठे जाते हैं।बॉलीवुड में यह ट्रेंड 2025 तक तेज हो गया है। सितारे कोर्ट जा रहे हैं, पर्सनैलिटी राइट्स को बौद्धिक संपत्ति मानने की मांग कर रहे हैं। इससे इंडस्ट्री की साख दांव पर लग गई है।
इससे बचाव के तरीके : -
डीपफेक पहचानने के लिए चेहरे की हलचल, आंखों की झपकी, रोशनी का फर्क या आवाज की टोन जांचें। वॉटरमार्क या बैकग्राउंड में गड़बड़ी ढूंढें। सरकार ने IT एक्ट में सख्ती की है, मीटी ने लेबलिंग अनिवार्य किया। स्टार्स वॉटरमार्क्ड कंटेंट शेयर करें। ऐप्स जैसे ट्रूपिक या माइक्रोसॉफ्ट का वीडियो ऑथेंटिकेटर इस्तेमाल करें। जागरूकता फैलाएं – शेयर करने से पहले वेरिफाई करें।
पाठकों से अपील है, ऐसे वीडियो फॉरवर्ड न करें। रिपोर्ट करें और फैक्ट-चेक साइट्स पर जांचें।
जागें, पहचानें, रोकें डीपफेक बॉलीवुड के लिए सच्चा संकट है, जो 2025 में और गहरा गया। उदाहरणों से साफ है कि यह मजाक नहीं, इमेज और समाज को तोड़ने वाली ताकत है। कानूनी कदम, तकनीकी उपाय और सामूहिक जागरूकता से ही इसे रोका जा सकता है। स्टार्स लड़ रहे हैं, अब हमारी बारी है।




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